Education in Lucknow

लखनऊ नगर प्राचीन काल ही से "साहित्य और शिक्षा " के लिये प्रसिद्ध रहा है।यहाँ के प्राचीन उर्दू कवियोँ और लेखकों ने पूरे संसार में लखनऊ को ख्याति के शिखर पर पहुंचाया । जोश मलिहाबादी ,हसरत मोहानी ,मीर अनीस ,मिर्ज़ा दबीर इत्यादि कवियों ने लखनऊ का नाम उर्दू की दुनिया में रोशन किया ।मीर अनीस और मिर्ज़ा दबीर ने उर्दु शायरी की प्रसिद्ध विधा "मर्सिया" को एक नयी दिशा दी।

लखनऊ "तहज़ीब " की नगरी है और शिक्षा उस का मूल है। यही कारण है कि चारों दिशाओं मे यहाँ शिक्षा की धारा प्रवाहित होती रहती है। चारों ओर फैले हुए शिक्षण संस्थान और विश्व विद्यालय इस सत्यता को सिद्ध करते हैं कि लखनऊ नगर शिक्षा के प्रति कितना जागरूक है।उत्तर प्रदेश प्राद्योगिक विश्व विद्यालय् (यू.पी.टी.यू) ,बाबू बनारसी दास टेक्निकल विश्व विद्यालय ,राम स्वरूप टेक्निकल विश्व विद्यालय ,इंटिग्रल विश्व विद्यालय और इन के सहायक विद्यालय एक ओर तकनिकी शिक्षा में लखनऊ का नाम रोशन कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर लखनऊ विश्व विद्यालय ,बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर विश्व विद्यालय , ख्वाजा मुईनुद्दीन उर्दू अरबी फारसी विश्व विद्यालय इत्यादि शिक्षा की विभिन्न शाखाओं में लखनऊ को एक अलग पह्चान प्रदान कर रहे हैं तो तीसरी ओर किंग जार्ज चिक्त्सा विश्व विद्यालय चिकित्सा के क्षेत्र मे लखनऊ को एक अलग प्रसिद्धि प्रदान कर रहा है।नदवा अरबी कालेज ने पूरे अरब संसार में अपनी ख्याति के झंडे गाड् दिये इस प्रकार उर्दू हिन्दी अरबी संस्कृत सब मिल कर लखनऊ को गंगा जमनी तहज़ीब का सागर बना देते हैं ।